तुम साँसों मे बसे हो खुश्बू की तरह, तुम दिल में छुपे हो धड़कन की तरह, इल्तिजा है इस ज़िंदगी में भी आ जाओ हमसफ़र की तरह

हम तो बस चंद साँसों को समेटे बैठे थे, वोह ज्यों ज्यों पास आते गए चाहत जगती गयी ख्वाईशें बढ़ती गयी

तेरी याद में चलते चलते इतनी दूर निकल आये है, ना कोई साथ रहा ना तुम ही मिले,

सदियों के फासले तय किए हमने पर ना मंज़िल मिली ना सुनसान रास्तो पर किनारे मिले

तुमको चाहा है औऱ चाहेगे हर पल बस यही चाहत है,  तेरा प्यार ना सही दीदार रोज हो जाये यही तमन्ना है

तेरे सीने पर सर रख लू तेरी धड़कनो को सुनना है, दिल से दिल जुड़ जाए बस यही अब करना है, कौन कब साथ छोड़ दे बीच राह में इन पलो को यादो मे संजोना है

तुमसे ही जाना है प्यार क्या है,

तुमसे ही सीखा है वफ़ा किसे कहते है,

तुमने ही समझाया अगर तुम हो ज़िन्दगी में तो जीना किसे कहते है

 

देख लिया इस जहाँ को , कोई आप सा  ना  मिला,  वो प्यार मोहब्बत जो इन नज़रो में है कही और उसका नज़ारा ना हुआ, क्यों कहते है लोग आपको बेदर्द हमे तो आपसा कोई हमदर्द ना मिला