यादों  के  पन्नों  से  भरी  है “जिंदगी”,

सुख औऱ दुख की पहेली है “जिंदगी”

कभी अकेले बैठ कर विचार करके तो देखो,

संबंधो के बगैर कितनी अधूरी सी है ज़िन्दगी

चलो  चलते   है   फिर   उन्ही   राहो   पर   वापिस,     ना  गम   की   परछाई   हो  ना   यादो   के   साये,    बस  एक  हम  हो  एक  दूजे  की  बाहों  मे समाए

रिश्तों की पहचान कराई है आपने

हम तो यूही चले जा रहे थे,

ज़िन्दगी से मुलाकात कराई है आपने

 

Khud ko chupa lo

यूही पलको को बंद किये बैठे है, सोचते है हमसे छुप सकेंगे,

खोज ही लेंगे हम तोह आपको इन दिल की आँखों से कैसे बच पाएँगे

O Jane jaana

लोग क्यों नही समझते नशा आपकी मोहब्बत का है,

ना उतरेगा यह पक्का रंग आपकी चाहत का है,

चाहे कितनी भी कोशिश कर लीजिए भाग ना पाएँगे,

यह महकती साँसों में असर आपके साथ का है