सपने तो सपने है चाहे बंद आँखों मे हो या खुली पूरे तो कभी होंगे नही चाहे शीला के हो या मुन्नी यह ज़ालिम दुनिया क्या कम थी सताने को,   जो तुमने भी सुबह सुबह ऐ जी सुनते हो की आवाज़ लगा उठा दिया हमे हसीनाओ की बाहों से

बचपन   से   सुनते   आ   रहे    है,  प्यार  बाटने से   बढ़ता  है,   सब   से   प्यार   करो,   पर जब शीला से प्यार किया तो मुन्नी ने क्यू छोड़ दिया

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दिल  चीज़  कया हैं  आप  मेरी  जान  लीजिए, हम  तो  आपके  हो  ही  चुके  है, आपकी मर्जी है, आँख, नाक ,कान सब लीजिये,

पर एक बार ,बस एक बार, हा एक बार,   अपने फ़ोन  का  पासवर्ड  दीजिय

तेरे   दीदार   को   तरसते   है, हरदम  आंहे भरते हैं, अब   तुमको  ख़बर  है  तो  थाम  लो  हाथ  हम  तुम  ही  से  प्यार  करते  है

क्या सिर्फ इतना ही प्यार था हम सब मे यारो

क्या सिर्फ इतना ही प्यार था हम सब मे यारो,

साथ बैठना छोड दिया तो याद करना भी छोड दिया

कही तुम भी नही बन जाना किरदार किसी किताब का

लोग बडे शौक से पढते है कहानीया बेवफा की

कही तुम भी मत बन जाना किरदार किसी किताब का