तबलीगी जमात कांड से भी नहीं ली नसीहत, अजमेर में भी दोहराई वही कहानी

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के बीच राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात का जलसा पूरे देश के लिए परेशानी का एक बड़ा सबब बन गया है।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग के बीच राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात का जलसा पूरे देश के लिए परेशानी का एक बड़ा सबब बन गया है। इस जलसे में हिस्सा लेने वाले तमाम लोगों की कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है। खबर है कि आयोजन में हिस्सा लेने वाले 400 से ज्यादा लोगों मैं कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। पूरे देश को चिंता में डालने वाली इस घटना के बाद राजस्थान से भी एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है।

आयोजन में सबको चिंता में डाला

राजस्थान के अजमेर जिले में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह मुस्लिम अकीदतमदों के लिए श्रद्धा का बड़ा केंद्र है। यहां मंगलवार को हुए एक आयोजन ने सभी को चिंता में डाल दिया है। राजस्थान में भी कोरोना का प्रकोप फैला हुआ है और इस कारण लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

चादर चढ़ाने की रस्म में पहुंची भीड़

लॉकडाउन के बीच ही मंगलवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रमअजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के बड़े बेटे ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की प्रसिद्ध दरगाह में उर्स के मेले की चादर चढ़ाने का था। इस कार्यक्रम के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के सारे नियम धरे के धरे रह गए। मिली जानकारी के मुताबिक करीब 100 लोगों ने मस्जिद में पहुंचकर चादर चढ़ाने की रस्म शुरू कर दी।

लोगों के ना मानने पर लाठीचार्ज

जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ को समझाने की भरसक कोशिश की, लेकिन पुलिस के समझाने के बावजूद लोग नहीं माने। लोगों के जिद पर अड़े रहने के कारण पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस मामले में दरगाह के प्रमुख सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

केवल 10 लोगों को मिली थी अनुमति

घटना के बारे में जानकारी देते हुए अजमेर के एसपी कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि दरगाह शरीफ पर अंजुमन कमेटी दरगाह के सदस्यों ने चादर चढ़ाने का यह कार्यक्रम आयोजित किया था। अजमेर के जिलाधिकारी ने कमेटी के 10 सदस्यों को ही इस कार्यक्रम के लिए अनुमति दी थी मगर आदेश का उल्लंघन करते हुए काफी संख्या में लोग मस्जिद के पीछे वाले हिस्से से पहुंच गए।

एसपी ने बताया कि भीड़ को समझाने की पूरी कोशिश की गई मगर उनके न मानने पर हलका बल प्रयोग करके उन्हें खदेड़ दिया गया।

आदेश न मानने पर छह गिरफ्तार

लॉकडाउन के दौरान आदेश का उल्लंघन करके इस कार्यक्रम को आयोजित करने पर मस्जिद के प्रमुख सहित छह लोगों के खिलाफ राजस्थान एपिडिमिक डिजीज एक्ट के तहत मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में जमालुद्दीन हुसैन, मोहम्मद मेराज, फकीर बाबा दरगाह सरवाड़, बसंत कुशवाहा, अजहर और नवाब कुरैशी के नाम शामिल हैं।

मरकज से तमाम लोग राजस्थान भी लौटे

इस बीच एक अन्य खबर के अनुसार दिल्ली में आयोजित तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होने वाले लोगों में राजस्थान के लोग भी हैं। राज्य के चूरु, उदयपुर, अजमेर, टोंक और बाड़मेर से ऐसे लोगों को पकड़ा गया है जो मरकज में हिस्सा लेकर लौटे हैं। राज्य के अन्य लोगों तक कोरोनआ संक्रमण रोकने के लिए इन लोगों की पहचान करके स्क्रीनिंग भी कराई गई है। इन लोगों को आइसोलेशन में रखने के साथ ही इनके सैंपल जुटाकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

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पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी ख़बर, मिल गई है कोरोना वायरस की दवा

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर दुनियाभर में मची दहशत के बीच एक राहत भरी खबर आ रही है. अगर गार्डियन (Guardian) अखबार की खबर सही माने तो कोरोना की दवाई मिल गई है. अखबार ने खबर दी है कि चाइना में मेडिकल अथॉरिटीज का कहना है कि जापान के नये टाइप के इंफ्लुएंजा ट्रीट करने की दवाई कोरोना वायरस को ट्रीट करने में इफेक्टिव साबित है रही है.

इस दवाई का नाम है फेवीपिराविर (favipiravir). इसे एविगन (Avigan) के नाम से भी जाना जाता है.

चीन के साइंस एंड टेक्नॉलिजी मंत्री के अधिकारीसांग शीनमिन के मुताबिक वुहान और शेनजेन में इस दवाई का 340 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया है. ये अब तक की सबसे ज्यादा इफेक्ट करने वाली दवाई है. इसमें मरीज को 4 दिन में कोरोना पॉजिटिव से नेगटिव होते देखा गया है. लोगों के फेफड़े 91% पर ठीक हो गए. जबकि बाकी ड्रग में ये इफेक्ट 62% देखा गया.
जापान में डॉक्टर भी इस दवाई का प्रयोग कर रहे हैं. जापान के डॉक्टर ये तो मानते हैं कि शुरुआती हल्के फुल्के लक्षण इस दवाई से ठीक किये जा सकते हैं पर बहुत गंभीर स्थिति होने पर ये दवाई काम नहीं करती . हालांकि HIV मरीज को दी जानू वाली दवाई के साथ भी इसी तरह की लिमिटेशन देखी गई है. हाल ही में जयपुर के डॉक्टर्स ने कोरोना पीड़ित को HIV ठीक करने वाली दवाईयां दी थी जिसके रिजल्ट थोड़े बेहतर आए थे.

कम होने लगा है कोरोना इफेक्ट? चीन ने कहा- तीन महीने में पहली बार कोई नया मामला सामने नहीं आया!
कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर भारत समेत दुनियाभर के कई देश युद्धस्तर की लड़ाई लड़ रहे हैं. इस बीच चीन से एक अच्छी खबर आई है. चीन में बीते तीन महीने में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोरोना का एक भी घरेलू (Domestic) मरीज सामने नहीं आया है. हालांकि यहां 34 विदेशी नागरिकों में कोरोना की पुष्टि हुई है.

यह भी पढ़ें- क्‍या पूरी तरह हो जाएगा देश में लॉक डाउन? PM मोदी रात 8 बजे देश को करेंगे संबोधित

आपको बता दें कि जनवरी महीने में चीन में कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत हई थी और देखते ही देखते इस बीमारी ने दुनियाभर में कोहराम मचा दिया. अकेले चीन में इस महामारी से मरने वालों की संख्या तीन हजार के पार पहुंच गई है.

समाचार एजेंसी AFP की खबर के मुताबिक, चीन ने कहा है कि बुधवार (18 मार्च) को एक भी चीनी नागरिक में कोरोना वायरस का नया मामला सामने नहीं आया. साथ ही चीन ने यह भी कहा है कि गुरुवार को 34 विदेशी नागरिकों में कोरोने के मामलों की पुष्टि हुई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, विदेशी नागरिकों में 34 नए मामले सामने आए हैं जो कि बीते दो सप्ताह में सबसे बड़ी दैनिक वृद्धि है.

corona

यूपी में कोरोना का अगर एक भी मरीज़
मिला तो चीन की संपत्ति ज़ब्त करेंगे।

– बाबा

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