तुमको याद है क्या वोह रात जब बारिश से भीगे हम मिले थे,

बाहों में लेकर एक दूजे से शरमाये थे,

वो जो एहसास था आज भी साथ है

चाहे आपके पहलू से सुबह होते ही हम उठ आये थे

 

आप यूही हमे देखा ना करो दिल बेकाबू हो जाता है, ऐसा क्या कर देते हो की मुझे छोड के आपका हो जाता है

दिल बाग़ बाग़ हो गया

दिल बाग़ बाग़ हो गया जब उस पगली ने कहा,

boyfriend नही husband  है तू मेरा

तुम कभी मेरे साथ आसमांन तक चलो

तुम कभी मेरे साथ आसमांन तक चलो

मुझे इस चाँद का गुरूर तोड़ना है

 

दुआ करो दोस्तो

दुआ करो दोस्तो की,

अब वो मेरी हो जाए