तुमको याद है क्या वोह रात जब बारिश से भीगे हम मिले थे,

बाहों में लेकर एक दूजे से शरमाये थे,

वो जो एहसास था आज भी साथ है

चाहे आपके पहलू से सुबह होते ही हम उठ आये थे

 

आप यूही हमे देखा ना करो दिल बेकाबू हो जाता है, ऐसा क्या कर देते हो की मुझे छोड के आपका हो जाता है

दिल बाग़ बाग़ हो गया

दिल बाग़ बाग़ हो गया जब उस पगली ने कहा,

boyfriend नही husband  है तू मेरा

तुम कभी मेरे साथ आसमांन तक चलो

तुम कभी मेरे साथ आसमांन तक चलो

मुझे इस चाँद का गुरूर तोड़ना है

 

अब और कोई मकाम नही

अब और कोई मकाम नही इस मकाम के बाद

दिल घडकता है अब सिर्फ तेरे नाम के बाद

तेरी बात खामोशी से मान लेना

तेरी बात खामोशी से मान लेना

ये भी एक अंदाज है मेरे प्यार का

अपनी किस्मत लिखन का

अपनी किस्मत लिखने का जरा सा भी हक़ दो मुझे

तो अपने नाम के साथ तुझे हर बार लिखू

नही रहा जाता तेरे बिना

नही रहा जाता तेरे बिना इसीलिए तुझसे बात करते है

वरना हमे भी कोई शौक नही है तुझे यूँ सताने का

मेरी खुबसूरती मेरी मुस्कान है

मेरी खुबसूरती मेरी मुस्कान है

और मेरी मुस्कान सिर्फ तुम हो