फैसला जो भी हो

फैसला जो भी हो मजूंर होना चाहिए

जंग हो या इश्क हो

भरपुर होना चाहिए

दिलो मे रहता हुँ

दिलो मे रहता हुँ घडकने थमा देता हुं

मै इश्क हुँ

वजूद की घज्जिया उडा देता हुँ

 

 

जो हम प्यार के रिश्ते बनाते है

जो हम प्यार के रिश्ते बनाते है

उसे लोग से क्यु छुपाते है

अगर होता है गुनाह  किसी को प्यार करना

तो बचपन से क्यु सिखाते है

देख ली तेरी ईमानदारी ऐ-दिल

देख ली तेरी ईमानदारी ऐ-दिल

तू मेरा और फिक्र किसी और की

जहाँ कोशिशो का क़द बडा होता है

जहाँ कोशिशो का क़द बडा होता है

वहाँ नसीबो को भी झुकना पडता है