तुझे चाहने का गुनाह कुछ ऐसा कर डाला

तुझे चाहने का गुनाह कुछ ऐसा कर डाला

ना तुझे भूला सकते है ना बिन तेरे रह सकते है

घोखा देने के लिए शुक्रिया

घोखा देने के लिए शुक्रिया

तुम ना मिलते तो दुनिया समझ मे नही आती

कसूर उनका नही हमारा ही है

कसूर उनका नही हमारा ही है

हमारी चाहत ही इतनी थी की उनको गुरुर आ गया

कहती थी तु ना मिला तो मर जाउँगी

कहती थी तू ना मिला तो मर जाउँगी

वो आज भी जिंदा है यही बात किसी और को कहने के लिए

दिल किसी से तब ही लगाना

दिल किसी से तब ही लगाना

जब दिलो को पढना सिखलो

वरना हर एक चहरे की फितरत

मे वफादारी नही होती

ना मेरा दिल बुरा था

ना  मेरा दिल बुरा था

ना उसमे कोई बुराई थी

सब नसीब का खेल है

किस्मत मे ही जुदाई थी

ए दिल समजा कर तु इस बात को

ऐ दिल समजा कर तु इस बात को

तु जिसे खोना नही चाहता

वो तेरा होना नही चाहता