Yeh ishq Ka junoon hai, koi ek rat ki khumari Nahi, sirf mehboob ke didar se mitega yeh Marz Kisi Hakeem ke bas ki yeh bimari Nahi
यह इश्क का जुनून है कोई एक रात की खुमारी नही, सिर्फ महबूब के दीदार से मिटेगा मर्ज यह किसी हक़ीम के बस में यह बीमारी नही

ए मेरे खुदा मुझपर इतनी इनायत कर दे, यह दिल मेरा तू उनसा कर दे, भूल जाऊ पल में वो मोहब्बत उनकी, बस मेरी भी ऐसी तबियत कर दे

किसी की खुशबू को सांसो में घुलने तो दो, किसी को अपना बना के ज़िंदगी महकने तो दो, बहार बनके कोई आये जीवन में, कोई दे दस्तक इतनी अपने दिल को इजाजत तो दो

सुना था रूहे भटकती है हमने कभी न माना, दफना आये थे जिन्हें हम उन्ही से हो गया सामना, किया था वादा की ना होगा अब कोई बीच हमारे, हम ही नादाँ थे ना समझे कि आसान नही पहली मोहब्बत भुलाना

यह इश्क़ मोहब्बत सब बकवास है,यह हमने करके ही जाना है,मतलब की है दुनिया सारी हमने आजमाया है
थे जिन के लिए हम जान से बढ़कर, अब हम नही कोई और ही उनके दिल के पास है

Hume Nahi aata jajbat bayan Karna,isliye nazro ko is kaam par lagya hai,pad sako toh pad Lena inki bhasha tum, humne toh haal-e-dil uhi aapko samjhya hai
हमे नही आता जज्बात बयां करना,इसलिए नज़रो को इस काम पर लगाया है,पड़ सको तोह पड़ लेना भाषा इनकी, हमने तो हाल_ए_दिल यूही आपको समझाया है

कर लिया तुम पर यकीन इस दिल ने , अब तुम्ही मेरे हमसफर तुम्ही मंज़िल हो, ले चलो जहाँ मर्ज़ी तुम्हारी, ना कोई शक ना कोई सवाल हैतुमसे, बसाया है बना के रब तुम्हे जब से  इन नैनो में

क्या शायरी करू जब तुम मेरी ग़ज़ल हो, तुम को देखू महसूस करू क्योंकि तुम मुझमे हो, ना देखा किसी और को तुम्हे देखने के बाद, तुम ही इस दिल की चाहत तुम ही मंज़िल हो

Kya shayari karu kab tum hi meri manzil ho, tumko dekhu mehsus karu kyuki tum mujhme ho, na dekha Kisi aur ko tumhe dekhne ke bad, tum hi Dil ki chahat tum hi meri manzil ho