क्या शायरी करू जब तुम मेरी ग़ज़ल हो, तुम को देखू महसूस करू क्योंकि तुम मुझमे हो, ना देखा किसी और को तुम्हे देखने के बाद, तुम ही इस दिल की चाहत तुम ही मंज़िल हो

Kya shayari karu kab tum hi meri manzil ho, tumko dekhu mehsus karu kyuki tum mujhme ho, na dekha Kisi aur ko tumhe dekhne ke bad, tum hi Dil ki chahat tum hi meri manzil ho

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *