तुझसे हार कर भी जीत जाती हूँ मैं, फ़र्क़ इतना है तुझपर दिल हारा है औऱ तेरी यादों को पाया हैं औऱ तुझे खवाबों में अपना बनाया है

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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