तुम साँसों मे बसे हो खुश्बू की तरह, तुम दिल में छुपे हो धड़कन की तरह, इल्तिजा है इस ज़िंदगी में भी आ जाओ हमसफ़र की तरह

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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