तेरी याद में चलते चलते इतनी दूर निकल आये है, ना कोई साथ रहा ना तुम ही मिले,

सदियों के फासले तय किए हमने पर ना मंज़िल मिली ना सुनसान रास्तो पर किनारे मिले

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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