समेट कर ले जाओ अपने झूटे वादे

समेट कर ले जाओ अपने झूटे वादे के अघूरे किस्से

अगली मोहब्बत मे तुम्हे फिर इनकी जरुरत पडेगी

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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