वफा़ ढूढने निकला था गालिब

वफा़  ढूढने निकला था  गालिब

wifi मिल गया उघर ही बैठ गया

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *