नही पता कोनसी बात आखरी हो

(1)नही पता कोनसी बात आखरी हो

ना जाने कोनसी मुलाकात आखरी हो

याद करके इसलिए सोते है सब को

ना जाने जिन्दगी मे कोनसी रात आखरी हो

good night

❤❤❤❤❤❤

(2) चाँद का कलर है वाइट

रात को चमकता है ब्राइट

हमको देता है मस्त लाइट

कैसे मै सोऊ बिना कहै

good night

❤❤❤❤❤❤

(3) अब तो चिराग बुझा दिजीये

एक हसी ख्वाब देख रहा है तुम्हारी

good night

❤❤❤❤❤❤

(4) सारा दिन लग जाता है खुद को समेटने मे

फिर रात को यादो की हवा चलती है

और हम फिर से बिखर जाते है

good night

❤❤❤❤❤❤

(5) आपकी जिन्दगी की हर रात सुनहरे ख्वाबो से भरी हो

good night

❤❤❤❤❤❤

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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