जब वो पगली नींद मे

जब वो पगली नींद मे घीरे घीरे फोन पर बात करती है ना,

उस से खुबसूरत आवाज आज तक नही सुनी मेने

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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