चाहे दुश्मन मिले चार या चार हजार

चाहे दुश्मन मिले चार या चार हजार,

सब पर भारी पडे़गे मेरे जिगरी यार

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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