चल रहा हुँ घूप मे

चल रहा हुँ घूप मे तो श्रीराम तेरी छाया है

शरण है तेरी सच्ची बाकी सब मोह माया है

Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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