अभी घुप निकलने के बाद

(1) अभी घुप निकलने के बाद भी जो सोया है

वो तेरी याद मे रात भर रोया है

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(2) जिनके दिल पे चोट लगती है ना दोस्तो,

वो आँखो से नही दिल से रोते है

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(3) यह दिल कितना भोला है,

hurt होकर भी Expectations रखता है

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(4) उम्मीद से बढ के निकली पगली तू तो,

सोचा दिल ही तोडेगी पर तूने तो मुझे ही तोड दिया

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(5)  कमी तो होनी ही है पानी की शहर मे,

न किसी की आँख मे बचा है न 

किसी के जज्बात मे

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Author: Rooh

hyy मे एक शायर हुँ और मे शायरी करता हुँ

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