कर लिया तुम पर यकीन इस दिल ने , अब तुम्ही मेरे हमसफर तुम्ही मंज़िल हो, ले चलो जहाँ मर्ज़ी तुम्हारी, ना कोई शक ना कोई सवाल हैतुमसे, बसाया है बना के रब तुम्हे जब से  इन नैनो में

क्या शायरी करू जब तुम मेरी ग़ज़ल हो, तुम को देखू महसूस करू क्योंकि तुम मुझमे हो, ना देखा किसी और को तुम्हे देखने के बाद, तुम ही इस दिल की चाहत तुम ही मंज़िल हो

Kya shayari karu kab tum hi meri manzil ho, tumko dekhu mehsus karu kyuki tum mujhme ho, na dekha Kisi aur ko tumhe dekhne ke bad, tum hi Dil ki chahat tum hi meri manzil ho

तुम मेरे हो

वक्त बदलता है बदल जाये, पर तुम कभी ना बदलना, दुनिया रूठे रूठ जाए पर तुम जुदा ना होना, साथ छोड़ दे साया भी अगर परवाह नही पर तुम हर कदम यूही साथ देना

बस एक यही इल्तिज़ा है तुमसे मेरे बनकर आये हो इस जहाँ में बस मेरे बनकर ही रहना

वो खूबसूरत पल जब हम साथ होते है, झोली में भर के सितारे जब हम साथ चलते है, गुलिस्तां भी खिल उठता है जब हाथो में हाथ होते है,

बस यही खवाब सच हो जाये यह सोचते सोचते हम रोज तुझे याद करते है

हम जब भी उनकी आगोश में आये हैं यू लगा धरती आसमां मिल गए हो, जब से हुए है एक हम,  ज़िंदगी मेें मानो हज़ारों रंग के फूल खिले हो,

तेरी चाहत हमे कहा से कहा ले आयी है , जो कल तक थे अजनबी देखो वो एक राह के हमसफ़र बने हैं

तुमको पाकर ना जाने क्यों लगा सब ख्वाइशें पूरी हुई है, बस वक़्त यही थम जाए अब यही एक तमन्ना बाकी है

एक तुम्हें पाने की चाह में इन नज़रो के दिये जलाये बैठे है, कभी तो हमारी वफ़ा पर यकीन होगा इस उम्मीद पर सब भूल कर बैठे है, चले आओ फीकी ना पड़ जाए इन लबो की लाली, हम आपके इंतज़ार में मुदत से सजे बैठे है

उनका यह लगाव कब प्यार में बदलेगा इस उम्मीद में वक़्त बिताए जाते हैं, आते तो वो रोज़ है मिलने पर हमारे है कहने से घबराते है

मुझे जगाने को तुम्हारी याद ही काफी है, इस सूरज से कहो अपनी रोशनी कही औऱ ले जाये, तकिये को चूमते है मेहबूब समझ कर इश्क़ में कोई किसी के इतना भी पागल ना हो जाये

तुझसे हार कर भी जीत जाती हूँ मैं, फ़र्क़ इतना है तुझपर दिल हारा है औऱ तेरी यादों को पाया हैं औऱ तुझे खवाबों में अपना बनाया है