जुल्फों से मेरी खेलना है तो उलझाया क्यों, लगाना  था गुलाब  तो  चमेली  लगाया क्यों, तब  से  छिक  रही  हु  सुनते  क्यू नही, उसपर रुमाल में भी यह सड़ा सा परफ्यूम लगाया क्यू,

जाओ नही करनी तुमसे बात , हसीन ख्वाब देख रही थी तुमने उठाया क्यू

घर की छत पर खड़े बाल सुखाने का तो बहाना है, असल में तुमको घर पर बुलाना है, मम्मी पापा घर नही और मुझे पंखा साफ कराना है,😘😘😘

 

तुम   हाथ   बढाओ   हम   थाम   लेंगे ,  तुम  कदम  बढाओ  हम  साथ  देंगे,  थक  भी  अगर दुनियां  से  लड़ते  लड़ते  तो  ना  घबराना, तुमसे पहले  हर  मुसीबत  को  अपने  ऊपर  ले  लेंगे

आप यूही हमे देखा ना करो दिल बेकाबू हो जाता है, ऐसा क्या कर देते हो की मुझे छोड के आपका हो जाता है

वो  क्या  समझे  हमारी  मोहब्बत  को, गए तो थे  उनके  दीदार  की  हसरत  लिए , उन्होंने  ना जाने  क्या जादू किया हमपर, सारे घर का काम  करा डाला😑🙄🙄

वोह हमारे कूछ खास लगते है, कैसे लू नाम उनका शर्म सी आती हैं, अब समझ भी लो की मेरी मम्मी के दामाद लगते है

सिल्क  का  कुर्ता  रेशम  का  रूमाल,  माथे  पर बिखरी लटे, होंठों पे मुस्कान,कोई तस्वीर नही यही तो  हैं मेरे  मेहबूब की पहचान

कल  चॉकलेट  से  चिपके  थे  इन  लबो  पे, आज  क्या  रुप  धरा  है, कल  लबो  से पिया था  यह  मोहबत  का  रस  ,आज  नज़रो से पीने  का  मन  बनाया  है

कल रात तुम सपनो में आये यह यकीन हमे अब हुआ, लबो पर अपनी यादे छोड़ गए यह कब हुआ, तब से बेचैन हु ये सोच कर जिसे इतने प्यार से लबो ने हमारे चूमा था, वोह लब थे तुम्हारे या चॉक्लेट का टुकड़ा था

रातो को ख्वाबो में आते हो हकीक़त में भी आ जाओ, बाहो का सहारा दो हमे चाँद के उसपार ले जाओ,